भगवद्गीताअध्याय 1
अध्याय 1: अर्जुनविषादयोग
Arjun Viṣhād Yog
इस अध्याय में 3 श्लोक हैं।
- 1.1धर्मक्षेत्रे कुरुक्षेत्रे: गीता 1.1 का असली अर्थ
धर्मक्षेत्रे कुरुक्षेत्रे — गीता का पहला प्रश्न जो युद्धभूमि नहीं, आपके भीतर के संघर्ष की कहानी है। गीता 1.1 में क्या छिपा है?
- 1.28अर्जुन विषाद गीता 1.28 — मोह और करुणा का सच
अर्जुन विषाद क्यों हुआ? गीता 1.28 में अपनों को युद्ध-भूखे खड़े देख हृदय क्यों डूबा? मोह और करुणा में असली फ़र्क जानें।
- 1.47अर्जुन विषाद — टूटे मन में गीता का पहला सबक
अर्जुन ने कुरुक्षेत्र में धनुष क्यों छोड़ा? शोकसंविग्नमानसः का असली अर्थ और गीता 1.47 में छुपा वह सत्य जो अधिकांश लोग अनदेखा कर देते हैं।